शुक्रवार, 13 दिसंबर 2024

अधिवक्ता ओमप्रकाश गोदारा निर्विरोध हुए अध्यक्ष निर्वाचित।

अधिवक्ता ओमप्रकाश गोदारा निर्विरोध हुए अध्यक्ष निर्वाचित। वहीं सहदेव राम लुणिया सचिव, कविता चौधरी पुस्तकालयाध्यक्ष के पद पर हुए निर्विरोध निर्वाचित।

चुनाव समिति के मुख्य चुनाव अधिकारी मुन्नीलाल कड़वासरा, सहायक अधिकारी लक्ष्मीनारायण रिणवा व सद्दाम हुसैन ने घोषित किए परिणाम। मुख्य चुनाव अधिकारी ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दिलाई शपथ, शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव सम्पन्न होने सभी का जताया आभार।

इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता दशरथ सिंह राठौड़, हरीश पारीक, हड़मानराम मण्डा, शैलेन्द्र सिंह कालवी, अम्बालाल पाराशर, शिवकुमार पाराशर, बस्तीराम ढाका, मुकेश बिडियासर, इन्द्र सिंह राठौड़, इस्लामुद्दीन काजी रामप्रकाश बैंदा, मुन्नीलाल मालोदिया, नरेंद्र सिंह, राजेन्द्र सिंह ढाका हरिसिंह मांगलिया, प्रियंका नवहाल, गोंविद ढाका, शिवकुमार सिंवर, नरेश, ओमप्रकाश मेघवाल, नवरतन मेघवाल, सुमित नवल गोपाल गोदारा, भंवरलाल डारा ज्योति, मनीराम कड़वासरा, महेन्द्र बिड़ियासर राजकुमार मेघवाल कृष्ण पोटलिया, हरीश रतावा एवं समस्त अधिवक्तागण मौजूद रहे


✍️NRC

फुटबॉल के गढ़ में क्रिकेट का बोलबाला

 फुटबॉल के गढ़ में क्रिकेट का बोलबाला 


दुनिया में कोई काम असंभव नहीं है!

हौसला और मेहनत की जरूरत है...



फरड़ोद से एक व्यक्ति (मनोज पाटोदिया) तकरीबन 23-24 वर्ष पहले फरड़ोद से 1500 किलोमीटर दूर हैदराबाद में रोजगार के लिए जाते हैं, धीरे-धीरे अपने काम और कारोबार को आगे बढ़ाते हैं और बाद में गांव से अपने परिवार को साथ में लेकर जाते वहीं रहने लगते हैं। हम सभी को पता है गांव से सुदूर शहर (महानगर) में रहकर मैनेज करना कितना मुश्किल भरा होता है। 

उनके घर 30 सितंबर 2012 को जन्म होता है एक चिराग का जिसका नामकरण किया गया नाम रखा गया मयूर, मयूर शर्मा।

जैसे जैसे मयूर बड़ा हुआ तो पिता और परिवार की ख्वाहिश थी की इसे क्रिकेटर ही बनाना है, आगे चलकर मयूर ने परिवार के सपने को उसी दिशा लेकर गया अपने खेल से।

5 वर्ष की उम्र में मयूर को रविन्द्र भारती स्कूल में प्रवेश दिलाया गया और साथ एक क्रिकेट एकेडमी में प्रैक्टिस के लिए हैदराबाद की सिटी क्रिकेट अकादमी में दाखिल किया गया। मयूर के पिता ने हमें बताया कि हम सौभाग्यशाली रहे कि हमें शुरुआत में ही एक अच्छे कोच की कोचिंग मिल गईं, पूर्व रणजी प्लेयर और बीसीसीआई कोच एम. आर. बेग जिनके मार्गदर्शन में वीवीएस लक्ष्मण, रॉबिन उथप्पा वेंकटपति राजू, संजय मांजरेकर, एमएसके प्रसाद और भी बड़े खिलाड़ी उनके कोचिंग में तैयार किये गये। ऐसे बड़े कोच के कोचिंग में मयूर का खेलना अच्छा रहा हमारे लिए।

एम आर बेग सर से लगातार चार साल की कोचिंग की और छोटी सी उम्र में हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से वनडे क्रिकेट मैच खेलना एक बड़ी उपलब्धि रही उसे समय मयूर शर्मा के लिए।

उनके पिता से बात करते हुए मयूर के बारे बताते हुए भावुक हुए की एक समय 2020 में मयूर क्रिकेट खेलते हुए नाक टूट गया जिसका आपरेशन करवाया गया था, उस समय मयूर की क्रिटिकल इंजरी को देखते हुए पिता ने फैसला किया कि ठीक है अब इतना ही अब आगे नहीं बढ़ सकते क्रिकेट को लेकर क्योंकि साथ उस समय कोरोना वायरस की वजह से भी कारोबार में मंदी आ गई, स्कूल फीस, एकडेमी फीस और घर दुकान का किराया, मयूर की क्रिटिकल इंजरी यह सब एक महानगर में रहकर परिवारों को मैनेज करना बेहद मुश्किल हो गया। सबसे बड़ी मयूर की इंजरी से परिवार सहम गया। वक्त का तकाजा देखिये जो पिता मयूर को बड़ा क्रिकेटर बनाने का सपना संजोए सालों से वहीं पिता मंजिल से पहले ही टूट गया।


एक वाक्य मैं अपना व्यक्तिगत बताता हूं कि जब मैं स्वयं मयूर जिस हैदराबाद की क्रिकेट अकादमी में प्रैक्टिस कर रहा था मैं गया उनके पिता के साथ और देख कर आया कि एक पिता के लिए कितना मुश्किल होता बच्चे को 5-6 किलोमीटर दूर एकेडमी में स्कूटी से छोड़ना और वापस लाना सुबह और शाम दोनों समय, हम जब मयूर को स्कूटी से एकेडमी प्रैक्टिस मैदान से शाम लेकर आ रहे थे, तभी मयूर ने बाजार में स्पोर्ट्स दुकान को देकर बोला "पापा ग्लव्स लेने... तभी मनोज ने एकाएक बड़े बाजार के ट्रैफिक में स्कूटी को रोकते हुए स्पोर्ट्स सम्मान की दुकान पर गये और मैं साथ में ही था ... जैसे ही दुकानदार ने ग्लव्स की की कीमत बताई मैं स्तब्ध हो गया सोचने लगा कि ग्लव्स की इतनी किमत है तो पूरे क्रिकेट किट की क्या कीमत होगी और कोचिंग व अकादमी की फीस कितनी होगी...2019 की बात है।


इसके बाद मनोज के परिवार ने इस कठीन समय में उनका साथ दिया और हौसला बढ़ाया, मयूर भी आपरेशन के बाद खेलने के लिए तैयार हो गया, जो पिछले तीन महीनों से क्रिकेट और मैदान से दूर था।

अपने पिता और परिवार से वापस खेलने की बात कि और कहा कि हार जीत और चोट क्रिकेट का हिस्सा है।


उसके बाद महाराष्ट्र विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन के साथ खेलना, नीता अंबानी फाउंडेशन क्रिकेट लीग मैच खेलते हुए उस लीग में एक शतक और दो अर्धशतक बनाकर टॉप बल्लेबाज बना।

इसके बाद राजस्थान सीकर की SBS क्रिकेट अकादमी में दाखिला लिया गया जिसकी कोचिंग अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिनेश मोंगिया राजस्थान रणजी प्लेयर सुमित खत्री की देखरेख में पिछले 4 वर्ष है क्रिकेट कोचिंग ले रहे हैं और राजस्थान सीकर से लगातार खेलते आ रहे हैं।

मयूर शर्मा पिछले आठ सालों से निरंतर क्रिकेट जुड़ा हुआ है और एकेडमी में प्रैक्टिस करते हुए खेल रहा।

राजस्थान के अंडर 14 वर्षीय किक्रेट का मुख्य बल्लेबाज होने के बावजूद इस वर्ष राजस्थान टीम का हिस्सा नहीं हो सका कम उम्र की वजह से, शायद अगले अंडर 14 राजस्थान क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए देखा जा सकता है। सीकर एकडेमी की अंडर 14 वर्षीय टीम की कप्तान है। मात्र 12 वर्ष की उम्र अबतक 5 शतक 25 अर्धशतक 40 की औसत के साथ 4000 रन और 100 से ऊपर विकेट चटका चूके।

हाल ही में बीकानेर में खेली गई अंडर 16 वर्षीय किक्रेट टूर्नामेंट में सीकर टीम से भाग लिया और फाइनल खिताब अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता में सेमीफाइनल में मयूर ने अपने ऑलराउंडर खेल की बदौलत मैच जिताया।  सेमीफाइनल में एक समय सीकर टीम मुश्किल में थी उस समय मयूर निचले क्रम के बल्लेबाज के साथ मिलकर नाबाद 40 रनों की महत्वपूर्ण और मैच जिताऊ पारी खेली और साथ दो विकेट चटकाए। प्रतियोगिता में 100रन और 13 विकेट लिए जो एक शानदार ऑल राउंड प्रदर्शन रहा।


आपकी मेहनत और आपके परिवार के संघर्ष को सलाम्।


इनकी मेहनत और इनके परिवार का संघर्ष अभी निरंतर जारी है..........!

✍️ नवरतन मेघवाल (NRC)

गुरुवार, 26 जनवरी 2023

फरड़ोद के नवरतन शर्मा बना चार्टर्ड अकाउंटेंट्स।

 द स्टूडेंट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया द्वारा घोषित परिणाम में ग्राम फरड़ोद के नवरतन शर्मा पुत्र राजकुमार शर्मा का चयन हुआ है। नवरतन ने दिल्ली में रहकर CA परीक्षा की तैयारी की है।  नेल्सन मंडेला ने कहा था कि "शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है, जिसे आप दुनिया को बदलने के लिए उपयोग कर सकते हैं।” केवल Dream देखने से कुछ नहीं होगा दोस्त उन्हें हकीकत बनाने के लिए मेहनत भी ज़रूरी हैं। फोकस ऐसा रखो की आपकी और आपके सपनो के बीच कोई ना आ सके। हमारी जानकारी और सोर्स के मुताबिक फरड़ोद का यह पहला छात्र है जो भारत की सबसे कठीनतम परीक्षाओं की श्रेणी में गिनी जाने वाली चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) जैसी परीक्षा को क्वालीफाई किया है।



डॉ भीमराव अम्बेडकर जी ने कहा था कि शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पियेगा वह शेर की तरह दहाड़ेगा इसी को फरड़ोद के नवरतन शर्मा ने सार्थक करके दिखाया।  नवरतन का परिणाम एक शेर की भांति पूरे गांव में दहाड़ रहा है। मेरे ख्याल से कई को तो इसका मतलब भी पता नहीं होगा कि यह चार्टर्ड अकाउंटेंट होता क्या है। इसलिए बहुत कम लोग इसमें अपना करियर ढूंढ़ते हैं इसको समझने में भी बहुत परेशानी होती छात्र के दिमाग में चलता रहता है कि इसमें स्कोप है या नहीं या मैं इसको पार कर पाऊंगा या नहीं बड़ी असमंजस की स्थिति में रहते हैं। कई छात्र बीच में ही छोड़ देते है।

गणतंत्र दिवस पर फुटबॉल क्लब फरड़ोद ने एक मैत्री फुटबॉल मैच का आयोजन किया और साथ में वर्ष के प्रतिभावान खिलाड़ियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

 गणतंत्र दिवस पर फुटबॉल क्लब फरड़ोद ने एक मैत्री फुटबॉल मैच का आयोजन किया और साथ में वर्ष के प्रतिभावान खिलाड़ियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र विष्णु बणजारा, बहादुर बणजारा विनीत स्वामी वह गुरुकुल शिक्षण संस्थान के छात्र फिरोज, तुषार स्वामी,अमन को फुटबॉल में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर व भामाशाह सेवानिवृत्त सूबेदार कमल किशोर फरड़ौदा को सम्मानित किया गया। फुटबॉल क्लब फरड़ोद के अध्यक्ष राजेंद्र जाखड़ व सचिव मनोज जाट ने गणतंत्र दिवस की सभी ग्रामवासियों को बधाई देते हुए खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की। जाखड़ ने बताया की मैंने मेरी 6 वर्ष की सर्विस में 6 जगहों पर सेवा दे चुका हूं और जहां भी गया पूछा आप कहां से नागौर से, नागौर में कहा से जायल, जायल में कहां से फरड़ोद से, वही फुटबॉल वाला फरड़ोद, जैसे ही अपने गांव फरड़ोद का ज़िक्र करते हैं स्वतः ही लोगों के दिमाग में फुटबॉल आ जाता है, पूरे राजस्थान में फरड़ोद फुटबॉल वाला गांव के नाम से पहचाना जाता है। मनोज ने कहा कि "खेलों तो ऐसे खेलों कि खेल पढ़ाई बन जाये और पढ़ो तो ऐसे पढ़ो की पढ़ाई खेल बन जायें।" 



इस मौके पर फुटबॉल क्लब फरड़ोद के सरक्षक मोहम्मद अली कोषाध्यक्ष शाबीर अली सेवानिवृत्त सुबेदार कमल किशोर फरड़ौदा, शारीरिक शिक्षक रामनिवास फरड़ौदा, प्रतापराम चांगल, हड़मानराम फरड़ौदा, भीम सेवा समिति फरड़ोद के संस्थापक एडवोकेट नवरतन मेघवाल, गुरुकुल शिक्षण संस्थान फरड़ोद के संस्था प्रधान भरत सिंह राजावत, मुकेश बुगालिया, दिनेश स्वामी, देवकरण जाखड़, दिनेश सेन मनोज मेघवाल वह खेल प्रेमी व ग्रामीण मौजूद रहे।

मंगलवार, 24 जनवरी 2023

अधिवक्ता संघ जायल एडीजे कोर्ट खोलने की मांग को लेकर 16 जनवरी से लगातार 9 दिनों से वकील हड़ताल पर बैठे हुए हैं।

 जायल- अधिवक्ता संघ जायल एडीजे कोर्ट खोलने की मांग को लेकर 16 जनवरी से लगातार 9 दिनों से वकील हड़ताल पर बैठे हुए हैं। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष इस्लामुद्दीन काजी ने बताया कि एक वर्ष पूर्व में कि गई घोषणा को अभी तक लागू नहीं किया। सचिव मुकेश बिडियासर ने कहा कि जब तक बजट में घोषणा लागू नहीं हो जाती तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे।



 इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश पारीक, दशरथ सिंह राठौड़, शैलेन्द्र सिंह कालवी, अम्बालाल पाराशर, बस्तीराम ढाका, मुन्नीलाल कड़वासरा, ओमप्रकाश गोदारा, शिवकुमार पाराशर,हनुमानराम मण्डा, चन्द्रा राम बिड़ियासर, नत्थू राम ईनाणिया, पुस्तकालय अध्यक्ष राजेंद्र ढाका, नवरतन मेघवाल, योगेश शर्मा, लक्ष्मीनारायण रिणवा, प्रिंयका नवहाल, नरेंद्र सिंह राठौड़,हरिसिंह मांगलिया, शिवप्रकाश सिंवर,इन्द्रसिंह राठौड़, गोविंद ढाक, रामप्रकाश बैंदा, मुन्नीराम मालोदिया,सहदेव, ओमाराम, नरेश, भंवरलाल डारा पवन बिडियासर, इर्शाद मौजूद रहे।

गुरुवार, 7 जुलाई 2022

न्यायालय परिसर जायल में आज पौधारोपण किया गया।

न्यायालय परिसर जायल में आज पौधारोपण किया गया।


जिसमें जायल मुंसिफ मजिस्ट्रेट पूर्णिमा यादव, न्यायिक अधिकारी शैलेंद्र कुमार गोस्वामी जायल बार एसोसिएशन संघ अध्यक्ष अम्बालाल पाराशर, सचिव शिव प्रकाश, लाइब्रेरियन अध्यक्ष नाथू राम इनाणिया वरिष्ठ अधिवक्ता दशरथ सिंह राठौड़ शैलेंद्र सिंह कालवी मुकेश बिडियासर मुन्नीलाल कड़वासरा हरीश पारीक हनुमानराम मण्डा, ओमप्रकाश गोदारा इस्लामुद्दीन काजी मुनीलाल मालोदिया नवरतन मेघवाल, सद्दाम हुसैन रामप्रकाश बैंदा प्रियंका नवहाल एवं न्यायिक कर्मचारीगण आदि ने पौधारोपण किया।

रविवार, 29 मई 2022

14 मई को उज्जैन में आयोजित 13वीं राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में फरड़ोद के लड़के ने जीता ब्रांज मेडल

 14 मई को उज्जैन में आयोजित 13वीं राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में फरड़ोद के लड़के ने जीता ब्रांज मेडल।



आपको बता दें की 6फीट 10इंच लम्बें व 120 किलो वजनी थाई बॉक्सिंग प्लेयर फरड़ोद के दीपक डिडेल ने जीता ब्रांज मेडल। दीपक के अपने गांव फरड़ोद पहुंचने पर ग्रामीणों द्वारा माला साफा पहनाकर दीपक का स्वागत किया गया।

#ताइक्वांडो #thaiboxing World Thai Boxing Association


गुरुवार, 24 मार्च 2022

मातासुख में किसानों ने RSMML ऑफिस के सामने किसान इमरान खान का शव रखकर कर रहे है विरोध प्रदर्शन।




मातासुख में किसानों ने RSMML ऑफिस के सामने किसान इमरान खान का शव रखकर कर रहे है विरोध प्रदर्शन।

किसानों ने इमरान के परिवार को 1करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता माइंस में एक नौकरी व दोनों बच्चों अग्रेंजी मीडिया विधालय में अध्ययन का पूरा खर्च जब तक कोई सरकारी नौकरी ना लग जाये तबतक पढाई का पूरा वहन कम्पनी करें साथ ही नवनिर्मित RSMML  कार्यालय के सामने मृतक किसान इमरान खान की मूर्ति लगाये इन मांगों के साथ शव को लेकर सैकड़ों किसान rsmml कार्यालय के सामने बैठे हुए हैं।

मौके पर जायल एसडीएम व डीवाईएसपी भारी पुलिस जाब्ते के साथ पहुंचे। 


https://youtu.be/9Hi4dkMaBF4

परिजनो का कहना है की कल धरने स्थल पर किसान इमरान खान की हुई मौत पर किसी प्रशासन व मांइस के अधिकारी ने मानवीय संवेदना प्रकट करने भी नहीं आये।

सोमवार, 21 मार्च 2022

राज्य सरकार ने जायल क्षेत्र में दी कई सौगातें।

जायल विधायक Dr. Manju Meghwal  की अनुशंसा पर आज राज्य सरकार ने जायल में एडीजे कोर्ट तथा विद्युत वितरण निगम का अधिशासी अभियन्ता कार्यालय की स्वीकृती दी और दधिमती माता मंदिर गोठ मांगलोद को किया पर्यटन स्थल घोषित। साथ ही जोधियासी में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व गोठ मांगलोद में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की मिली स्वीकृती।


मुआवजे को लेकर मातासुख, ईग्यार, कसनाऊ तीनों गावों के किसान पिछले 19 दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं।

मुआवजे को लेकर मातासुख, ईग्यार, कसनाऊ तीनों गांवों के किसान पिछले 19 दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। RSMML  और किसानों की बीच अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई।

https://youtu.be/pKDSRhrQRNI

कोयला मांइस पिछले 9 दिनों से पड़ी है बंद। प्रशासन से कई बार हुई बातचीत के बावजूद अभी तक नहीं निकल पाया कोई समाधान। किसान अपनी सम्पूर्ण मांगों को लेकर अभी भी है अडिग। किसानों का कहना है कि जबतक हमारी मांगे नहीं मानी जायेगी तबतक धरना जारी रहेगा।



किसानों के साथ ढ़ेहरी सरपंच जवानाराम नायक, रालोप नेता अनिल बारुपाल, राहुल खारड़िया, राजेंद्र डुकिया, ओम डोगीवाल, सुरेंद्र दोतड़, लिखमाराम डिडेल धरना स्थल पर रहे मौजूद।

  🖋️लेखन

नवरतन मेघवाल


गुरुवार, 16 दिसंबर 2021

राजस्थान फुटबॉल एसोसिएशन ने आयोजित की रैफरी कोर्स परीक्षा। जिसमें फरड़ोद के छोरों ने गाढ़े झण्डें।

राजस्थान फुटबॉल एसोसिएशन ने आयोजित की रैफरी कोर्स परीक्षा। जिसमें फरड़ोद के छोरों ने गाढ़े झण्डें।

राजस्थान फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा आयोजित  AIFF कैटेगरी 5 रैफरी प्रमाणीकरण (certification) कोर्स एवं कैटेगरी-4 अपग्रेडेशन परीक्षा का आयोजन पूर्णिमा यूनिवर्सिटी जयपुर में किया गया। 


जिसमें नागौर जिले के फरड़ोद गांव के सचिन फरड़ौदा, रामस्वरूप शर्मा, पूनमचन्द निर्मल, तपस्वीकरण फरड़ौदा इन चारों का कैटेगरी-5 में चयन हुआ। वहीं इन चारों ने अबतक मनोज जाट की देखरेख अपने खेल को शुरू किया था। आज यह उन्हीं के नक्शेकदम पर चल रहे हैं।इनके चयन पर मनोज ने खुशी प्रकट करते हुए कहा कि मेरे गांव के फुटबॉल खिलाड़ियों लिए जो सपने  हमनें देखे थे, कईं हद तक उसमें हम सफल होते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं मनोज जाट का भी Aiff  Cat -4 में चयन हुआ है। वहीं इन चारों फुटबॉल खिलाड़ियों ने मनोज व फुटबॉल क्लब फरड़ोद को श्रेय दिया।


रविवार, 7 नवंबर 2021

फरड़ोद एक गृहिणी जो रीट परीक्षा के टाॅपर्स की लिस्ट में हुई शामिल ।

प्रत्येक देश के दो पंख होते हैं एक स्त्री दूसरा पुरुष देश की उन्नति में एक पंख से उड़ान नहीं भर सकते।
जेम्स स्टीफेंस ने कहा था की स्त्रियां पुरुषों से अधिक बुद्धिमान होती है क्योंकि वह पुरुष से कम जानती, किंतु उससे अधिक समझती है। 

एक महिला जिसका पति सरहद पर देश की रक्षा में लगा हो है और वह अपने पत्नि मां व बहू का फर्ज अदा करते हुए, अपनी लग्न व कड़ी मेहनत की बदौलत रीट परीक्षा में टॉपर्स की श्रेणी में स्वयं को शामिल करती हैं। आज हम बात करते हैं फरड़ोद के रामदेव फरड़ौदा की पुत्रवधू सुमन चौधरी की जिनके पांच वर्ष का एक लड़का भी है। सुमन एक पुरुष प्रधान समाज में रहकर उन्होंने शिक्षा के कारण अपनी अलग पहचान बनाई है, एक महिला की तमाम जिम्मेदारियों को निभाते हुए। उनके पति हवलदार ओमप्रकाश ने हमें बताया कि सुमन ने 2012 में RPET (राजस्थान प्री इंजीनियरिंग टेस्ट) क्वालिफाई किया था। सांइस मैथमेटिक्स में B.sc. व ह्युमन राइट्स डिप्लोमा भी किया हुआ है। उन्होंने बताया कि सुमन ने दो मर्तबा CTET (सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) को 2018 में 92 अंकों व 2019 में 111 अंकों के साथ क्वालीफाई किया। अब इस साल रीट 2021 लेवल1 की परीक्षा में 150 में 141 अंक प्राप्त किए।
हमनें सुमन से उनके सफलता की राह टंटोलना चाहा तो उन्होंने ने हमें बताया कि अपने आप में विश्वास होना जरूरी है कि यह में कर सकता हूं, अपने आप को अडिग दृढ़संकल्पित होकर लक्ष्य को साधना, ना कि पेपर लीक या आउट होते हैं या पहले ही पेपर बिक जाते हैं ऐसी बातों में आकर अपना आत्मविश्वास ना गिराए और मानसिक रूप कमजोर होते हैं, अगर आपने मेहनत की है तो पेपर बिकता है तो बिकने दो उन पर ध्यान मत दो आपकों आपनी मेहनत पर विश्वास करना उसका का फल अवश्य मिलेगा।
उन्होंने बताया कि मैंने 15 से 20 बार रिवीजन तथा अत्यधिक टेस्ट दिए एवं ग्रुप डिस्कशन किया। माता पिता का सपोर्ट (सहयोग) तो हर बच्चे को मिलता है पर मुझे माता पिता के साथ-साथ सास ससुर जी का पूरा योगदान मिला
मैं अपनी सफलता का श्रेय सास ससुर जी व अपनी पति को देती हूं।
स्त्री कभी हारती नहीं है उसे हराया जाता है समाज क्या कहेगा यह कहकर बचपन से डराया जाता है। 

सोमवार, 6 सितंबर 2021

फरड़ोद के भामाशाह शिवदानराम फरड़ौदा को नागौर जिला प्रशासन ने किया सम्मानित।

नागौर जिला प्रशासन ने आज फरङोद गांव के भामाशाह शिवदानराम फरङोदा को उनके द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फरङोद में 21.51लाख राशि (छात्राओं हेतु शौचालय कॉम्पलेक्स, विधालय का मुख्य द्वार व जल मंदिर निर्माणाधीन) का  सहयोग कर सराहनीय कार्य करने पर जिला कलेक्टर डॉ जितेंद्र कुमार सोनी ने प्रशस्ति - पत्र प्रदान किया।

शनिवार, 4 सितंबर 2021

फुटबॉल चैम्पियन्स के संघर्ष की दास्तान

फरड़ोद की फुटबॉल टीम ने जीता फाइनल मुकाबला
फुटबॉल चैम्पियन्स के संघर्ष की दास्तान 
यूँ ही नहीं जीते जाते रण के मैदान

यह जीत नहीं थी आसां यूहीं नहीं जीते जाते है रण के मैदान। घोर तपस्या,संघर्ष,लग्न,कड़ी मेहनत, के साथ मैदान में पसीना बहाना पड़ता है जनाब। यूहीं नहीं लिखी जाती हैं विजयगाथाएं। फरड़ोद की इस टीम ने एकबार फिर फरड़ोद के फुटबॉल इतिहास को दोहराने का कार्य किया है। फाइनल मुकाबला बेहद रोचक रहा। विपक्षी टीम मजबूत तो थी ही उपर से वहां के दर्शको का सर्पोट पूरा विपक्षी दल को था ऐसे में जीत पाना बेहद मुश्किल था। कहते हैं ना कि मुश्किलों का सामना तो रणबांकुरे ही किया करते है कायरों का काम नहीं। चैम्पियन वही बनता है जो सामने आने वाली मुसीबतों व दिक्कतों को ही दिक्कत में डालकर विजय फतेह करते हैं। मैच के शुरुआत में ही विपक्षी टीम ने गोल दाग दिया ऊपर से दर्शकों की हूटिंग। ऐसे में फरड़ोद की टीम पर मानसिक दबाव बना लिया था विपक्षी टीम ने। पर फरड़ोद के रणबांकुरे कहां हार माननें वाले थे। 
जैसे ही मनोज व ग्राम सरपंच इन दोनों की मैदान में मौजूदगी को देखतें ही फरड़ोद की पूरी टीम जोश में लौट आई।
फरड़ोद की टीम ने विपक्षी टीम पर करारा प्रहार करते हुए गोल दाग दिया। ऐसे मे विपक्षी खेमें में खलबली मच गई पूरा मैदान सन। दर्शकों और विपक्षी टीम ने इस गोल को अमान्य करार दिया और हूटिंग करने लगें।
विपक्षी टीम ने मैच रुकवा दिया ऐसे में फरड़ोद की टीम ने सुरक्षा हेतु पुलिस बल मंगवा लिया गया टीम सुरक्षा के लिए। बाद में उस गोल को मान्य माना गया। मैच खत्म होनें तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थी। मैच निर्णय के लिए रैफरी को पेनल्टी यों का सहारा लेना पड़ा जिसमें फरड़ोद ने 3-2 से मैच को जीत लिया। 
सही मायने इस जीत सबसे बड़े नायक शारीरीक शिक्षक हड़मानराम जी फरड़ौदा है उनकी लग्न मेहनत का यह नतीजा है कि आज टीम इस मुकाम पर है। इस जीत में मनोज का किरदार भी बहुत बड़ा है वह सुबह शाम हमेशा खिलाड़ियों को अभ्यास करवाना खेल के प्रति सकारात्मक सोच व अपने किट का आदर किस तरह किया जाता है उस पर खिलाड़ियों को मोटिवेट करना।

04 सितम्बर 2019 का प्रसंस्करण

सोमवार, 30 अगस्त 2021

Aiff Futsal refereeing Course का फिटनेस टेस्ट ,समापन समारोह राजस्थान फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा फरड़ोद में आयोजित


फरड़ोद में Aiff Futsal refereeing Course  का फिटनेस टेस्ट ,समापन समारोह राजस्थान फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा फरड़ोद में आयोजित किया गया।


 फिटनेस टेस्ट AIFF Futsal instructor  मनोज जाट HOR referee RFA  के कौशिक चंदा ने लिया 24 फुटसल रफेरीयो ने फिटनेस टेस्ट दिया टेस्ट पास करने वाले AIFF FUTSAL के रजिस्टर रफेरी बनेगें।


समापन समारोह में विशिष्ट अतिथि राजस्थान फुटबॉल एसोसिएशन के चेयरमैन श्री जयनारायण जी गहलोत, RFA के उपाध्यक्ष एवं रफेरी कमेटी के चेयरमैन श्री महेंद्र जी बिजारनिया मुख्य अतिथि श्री बिशनसिंह सिंह भाटी , डॉ श्री अभिनव राठौड़,डॉ श्री प्रमेसिह बुगासरा श्री मो.रफीक ,श्री डॉ दिनेश सिंह, श्री मकसूद अहमद,श्री अजित साहरण श्री आशिष दुबे कार्यक्रम कि अध्यक्षता श्री अनवर अली ने की इस दौरान डॉ अभिनव राठौड़ की पुस्तक अभिनव सार संग्रह का विमोचन किया गया। समापन समारोह में RFA के पदाधिकारियों ने शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र के लिए।

विद्वानों ने शिरकत की फुटबॉल क्लब फरडोद की और खेल प्रतिभाओं को समानित किया गया ये आयोजन फरडोद के लिए ऐतिहासिक रहा। फुटबॉल क्लब फरडोद एवं समस्त ग्रामवासियों की और से  RFA के अध्यक्ष श्री मानवेन्द्र जसोल सचिव श्री दिलीप सिंह का धन्यवाद जो इस आयोजन की मेजबानी दी और समस्त महमानो को धन्यवाद



रविवार, 29 अगस्त 2021

गांव के लड़के को Wal-Mart कम्पनी से मिला लाखों का पैकेज

परिंदो को मिलेगी मंज़िल एक दिन

ये फैले हुए उनके पर बोलते है

और वही लोग रहते है खामोश अक्सर

ज़माने में जिनके हुनर बोलते है!!



कहते हैं ना कि इंसान की सबसे बड़ी ताकत शिक्षा होती है इसी का एक छोटा सा उदाहरण आपके सम्मुख रख रहा हूँ शायद आप सभी ग्रामवासियों को पंसद आयेगा और युवा वर्ग को इससे काफी प्ररेणा भी मिलेगी।


हमारे गांव के सुण्डाराम फरड़ौदा (सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुंदरम्) Walmart कम्पनी (विश्व की सबसे बड़ी रेवन्यू अर्थात राजस्व कमाने वाली कम्पनी) ने प्रमोशन करते हुए उनका सालाना पैकेज 2236800/- रु. (बाईस लाख छतीस हजार आठ सौ रुपये) किया गया है। 

सुण्डाराम बचपन से ही पढ़ाई में होशियार व अनुशासित छात्र रहा है। फरड़ोद का वह पहला छात्र था जो आठवीं कक्षा में मेरिट 90%+ में आने वाला (2005-06) में। इससे पहले फरड़ोद के लोगों को मेरिट के बारे मे कम ही मालूम था तब इस शख्सियत ने वो कारनामा करके दिखाया था उसी का आज यह नतीजा है कि वह आज सफलता के बुलंदियों पर खड़े हैं।

कक्षा 10वीं तक की पढ़ाई फरड़ोद की सरस्वती विद्यालय में की। आगे पढ़ाई के लिए वह जोधपुर चले गए श्री महेश सी.सै. विद्यालय जोधपुर से कक्षा 11th & 12th विज्ञान संकाय से की पूर्ण की।

बाद में चैन्नई के SRM यूनिवर्सिटी से B.Tech की पढा़ई पूर्ण करने के बाद फरवरी 2015 में वह Wipro Limited कम्पनी बैंगलोर में बतौर प्रोजेक्ट इंजीनियर पद पर आसीन हुए। अक्टूबर 2017 में Amdocs India पुणे में Software Developer के पद पर कार्य किया। वहीं जुलाई 2018 से वर्तमान में पुणे की Infosys Pune Phase-2 में Senior Associate Consultant के पद पर कार्यरत् है।

Amodcs कम्पनी ने अपने ऑफिस कार्य के लिए सुण्डाराम को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर भी भेजा था।

और वह उनको अनेक भाषाओं की जानकारी है संस्कृत अग्रेंजी हिन्दी जापानी राजस्थानी आदि भाषाओं का ज्ञान रखते है।

सुण्डाराम का खेलों से भी काफी जुड़ाव  हैं, खासकर क्रिकेट से।

वह एक शालीन व बौध्दिक शक्ति के धनी शख्सियत है।

आर-लीग ए डिवीजन फुटबाॅल लीग

 राजस्थान फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा जयपुर में आयोजित आर-लीग ए डिवीजन फुटबाॅल लीग में फरड़ोद के मनोज जाट को बतौर निर्णायक (रैफरी) नियुक्त  किया गया है। मनोज को यह नियुक्ति ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन से केट 5 कोर्स किये जाने पर मिली है। फरड़ोद के इस फुटबॉलर ने अपने प्रोफेशनल खेल में आगे बढने के लिए अपने जीवन में बहुत संघर्ष किया और कईं उतार-चढ़ाव के बीच आज अपने खेल में अपनी अमीट छाप छोड़ी है। अपने खेल को तो बुलन्दियों पर लेके गये ही अपितु फरड़ोद के कईं युवाओं को इस प्रोफेशनल में आगे लाने का कार्य किया। इस बात का पर्याय आप शमशेर खान, सचिन फरड़ौदा, रामस्वरूप शर्मा, तिलोक फरड़ौदा, जावेद अली को देखकर प्रतिपादित कर सकते हैं। मनोज की ही छत्रछाया में खेलकर आज राजस्थान की इसी फुटबॉल लीग में शमशेर खान बतौर खिलाड़ी राॅयल राजस्थान टीम का हिस्सा है। सचिन फरड़ौदा इस फुटबॉल लीग में बतौर फील्ड मैनेजर व रामस्वरूप शर्मा, तिलोक फरड़ौदा, जावेद अली वाॅलेंटियर नियुक्त कियें गयें है। 


फरड़ोद को इन खिलाड़ियों ने फरड़ोद को गौरान्वित किया है जो इस फुटबॉल लीग में अलग-अलग जिम्मेदारियों के तौर पर भाग ले रहे है ।

इस फुटबॉल लीग का युट्युब पर लाइव प्रसारण किया जा रहा है ।

25 july 2021 का प्रसंग

फरड़ोद का फुटबाॅल इतिहास


 फरड़ोद का फुटबाॅल इतिहास 

आज हम बात करतें है दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेल  फुटबॉल की। जहां भारत में क्रिकेट को धर्म की तरह माना जाता है पर उस देश में फुटबॉल को इतनी वरियता नहीं दी गई लेकिन राजस्थान के नागौर जिले का एक ऐसा गाँव फरड़ोद जो सिर्फ़ और सिर्फ फुटबॉल को अपना धर्म मानता है। इस गाँव में प्रत्येक घर से आपको फुटबॉलर मिल जायेगा। फुटबॉल का पर्याय है फरड़ोद गाँव इस गाँव के बच्चों युवाओं व बुजुर्गों में भी  फुटबॉल के प्रति क्रेज है। हमें कईं बार लोग पूछते है कि आप के गांव में फुटबॉल को लेकर लोगों में इतनी दीवानगी कैसे है। आज हम आपको फरड़ोद के फुटबॉल इतिहास के बारे में बताते है। फरड़ोद के फुटबॉल का जनक किसी को माना गया है तो वह वरिष्ठ अध्यापक मोहम्मद अली (अनवरजी) को। जिन्होंने फरड़ोद के सरकारी विद्यालय में 10 सितम्बर 1975 को बतौर अध्यापक पदभार संभाला था। उस समय फरड़ोद का वर्तमान खेल मैदान एक बंजर भूमि थी और यहां रेत के धोरे व कंटिले पेड़ थे। उस समय उन्होंने उनको साफ व समतल करवाया। बबूल के कांटेदार टेहनियो से चारों और बाड़ करवाकर एक खेल मैदान बनाया। मोहम्मद अली सिर्फ एक अध्यापक थे जिनका कार्य मात्र बच्चों को पढ़ना था। लेकिन उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को खेलों में भी आगे बढाने का कार्य किया। मैने जब उनसे पूछा कि आपनें फुटबॉल को ही क्यों चुना तो उन्होंने हम बताया कि मेरा स्वयं की इस खेल में रूचि थी और बच्चे भी दूसरे खेलों की बजाय फुटबॉल खेलना पंसद करतें थे। सर्वप्रथम फरड़ोद की फुटबॉल टीम ने सन्1975-76 में तहसील स्तर पर कठौती ग्राम में हुई प्रतियोगिता में भाग लिया था। लेकिन उस समय कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाई टीम।  उसके बाद खाटू व आकोड़ा में हुई प्रतियोगिता में भी टीम का कुछ खास प्रदर्शन नहीं रहा। इसके बाद 1980 से शुरू हुआ था फरड़ोद के फुटबॉल का स्वर्णिम दौर। झाड़ेली ग्राम में हुई तहसील स्तर फुटबॉल प्रतियोगिता 1980-81 में फरड़ोद उपविजेता रहा। अध्यापक मोहम्मद अली ने तत्कालीन ग्राम सरपंच रामकरण धोजक से आग्रह करके 1981-82 में अपने फरड़ोद गाँव में फुटबॉल प्रतियोगिता रखी गई जहां सर्वप्रथम फरड़ोद की टीम तहसील स्तर पर विजेता बनी थी। उस वर्ष फरड़ोद की खो-खो, वाॅलीवाॅल में भी उपविजेता रही थी। डेगाना में 1981-82 जिला स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता में फरड़ोद की टीम पहली मर्तबा किसी जिला स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता में भाग लिया और विजेता बनी। सम्पूर्ण राजस्थान में इसके बाद शुरू हुआ था फरड़ोद का फुटबॉiल में एकछत्र राज। लगातार तीन वर्ष तक राज्यस्तर पर चैम्पियंन रहे। 1983 में डेगाना, 1984 में बांदीकुई दौसा (तत्कालीन जयपुर जिला) व 1985 में चितौड़ में हुई राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता में लगातार तीन वर्ष तक विजेता रहे ।इसके बाद फरड़ोद के फुटबॉल में उतार चढ़ाव आते गये फिर भी राज्यस्तर तथा जिला स्तर पर प्रदर्शन अव्वल रहा तथा ग्रामीणों में फुटबॉल के प्रति लोकप्रियता बरकरार रही 2014 के बाद में एक नया युग शुरू हुआ । उस दौरान से आज तक फरड़ोद से 88 खिलाड़ी राज्य स्तर पर और 13 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके है ।फरड़ोद के फुटबॉल को नया स्वरूप देने के लिए मनोज जाट ने फरड़ोद क्लब फुटबॉल का गठन करवाकर इसके बाद फरड़ोद में हर वर्ष फुटबॉल शिविर लगाया जाता है फरड़ोद क्लब फुटबॉल की और से ताकि खिलाड़ियों के खेल में निखार लाया जा सके।

▪लेकिन फरड़ोद में फुटबॉल के इतिहास को जब भी खंगाला जायेगा तो सुखवीर सिंह और अब्दुल रहमान का नाम सर्वोपरि लिया जायेगा। इनका फरड़ोद में फुटबॉल के इतिहास में अविस्मरणीय योगदान रहा।

▪सुखराम भाटी, मनोज जाट व शमशेर खान इन तीनों खिलाड़ियों ने राजस्थान फुटबॉल टीम का बतौर कप्तान प्रतिनिधित्व किया है।

▪राष्ट्रीय स्तर पर खेल हुऐ फुटबॉल खिलाड़ी - 

●प्रतापराम चांगल     ●सुखराम भाटी

●हड़मानराम फरड़ौदा ●सोहन लाल 

●जगदीश प्रसाद       ●चन्द्रसिंह फरड़ौदा 

●बलदेवराम बिडियासर ●मांगीलाल गुर्जर

●पाबुराम गुर्जर ●प्रेमाराम ●चेनाराम चांगल 

●बलदेव राम फरड़ौदा ●हीराराम गुर्जर

●दिनेशकुमार शर्मा ●ओमाराम ●रामकिशोर फरड़ौदा  ●नाथूराम शर्मा ●रामप्रसाद ●रेंवतराम गुर्जर 

●मनोज जाट ●मुकेश फरड़ौदा ●शमशेर खान ●पूनमचन्द ●तपस्वीकरण ●सचिन फरड़ौदा 


      ✍लेखन 

    नवरतन मेघवाल

शनिवार, 28 अगस्त 2021

एक एमबीबीएस छात्र और उसके परिवार का संघर्ष

 #एक_एमबीबीएस_छात्र_और_उसके_परिवार_का_संघर्ष


फरड़ोद का एक लड़का जो पढाई में होशियार होने के कारण माता-पिता ने अपने बेटे को एक डाॅक्टर बनाने का सपना देखा। छात्र रिछपाल फरड़ौदा के 12वीं कक्षा उतीर्ण करने के बाद एजेन्ट के ज़रिये अपने बेटे को MBBS करने के लिए विदेश भेजा। 2007 में Tbilisi State Medical University जाॅर्जिया में एडमिशन लिया। रिछपाल ने मई 2014 MBBS की पढाई पूरी की। जब एमबीबीएस के लिए एडमिशन लिया गया उस समय रिछपाल और उनके माता-पिता को MBBS की जरूरी गाइडलाइन्स का पता नहीं था इसका फायदा एजेंट नें उठाया।


पैसे के लिए उसने एक छात्र व उसके माता-पिता को अंधरे में रखकर उनके सपनों व भविष्य को अंधकार में धकेल दिया।
MBBS करने के लिए एडमिशन के समय छात्र की उम्र 17वर्ष होनी चाहिए। जबकि रिछपाल के एडमिशन के समय उसकी उम्र मात्र 15 वर्ष थी। एडमिशन के समय कम उम्र(अंडर ऐज) होने के उनके कारण MBBS डिग्री की मान्यता को मंजूरी नहीं दी गई और एलिजिबल सर्टिफिकेट (योग्यता प्रमाण-पत्र) देने से मना कर दिया गया।
इसके कारण वह विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (FMGE- Foreign Medical Graduate Examination) नही दे सकता था। इसका मतलब उसकी MBBS डिग्री कोरे कागज की तरह हो गई थी। इसके लिए 2015 में रिछपाल ने वकील से कानूनी सलाह लेकर कोर्ट में याचिका दाखिल की ताकि इस समस्या से निजात मिल सके। मामला कोर्ट में चल ही रहा था कि इस बीच 2017 में उनके वकील की मौत हो गई। उनके लिए मामला और भी पैंचिदा हो गया।
दिसम्बर 2017 में रिछपाल की शादी हो गई अब की घर की जिम्मेदारियां अलग से। और 2018 आते आते उनकी याचिका खारिज (केस हार गये) हो गई। रिछपाल के साथ उसके माता-पिता को गहरा धक्का लगा की अपने जीवन की पूरी पूँजी बेटे की पढ़ाई पर लगा दी और पढाई के लिए लोगों से लाखों का कर्जा ले रखा था। आप सोचिए उस परिवार की क्या मनोदशा होगी। रिछपाल ने हमें बताया कि उस समय ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई कि परिवार आर्थिक एवं मानसिक तौर पर असंतुलित हो गया। मैं स्वयं अपने आप से गुस्सा होने लगा कि मेरी वजह से मेरे परिवार की यह स्थिति हो गई लेकिन असल में वह मेरी वजह नहीं थी उस एजेंट की पैसों की लालसा ने मेरी और मेरे परिवार की ऐसी हालात कर दी।
रिछपाल ने हमें बताया की एक समय तो सुसाइड तक करने की विचार कर लिया। मै एकदम हार गया था कि आज मेरे पास योग्यता होते हुए भी मैं बेकार पड़ा हूँ!
लेकिन हमनें फिर कोर्ट में पुनर्विचार याचिका (रिअपील) दाखिल की। आखिर उस संघर्ष की जीत हुई 18 अक्टूबर 2019 को कोर्ट ने फैसला हमारे पक्ष में सुनाया।
मामला पक्ष में आने के बाद सारे दस्तावेज़ों में बदलाव किया गया। उस समय परिवार में एक खुशी का माहौल बना लेकिन वह छात्र जो अपनी पढाई से कोसों दूर चला गया उसका मन और दिमाग सोच रहा था कि मैने तो किताबों की और देखे हुए 6 साल हो गया। मै अपने भीतर ही भीतर सोंच रहा था कि मेरा पढाई का स्तर तो एकदम शून्य है।
इस बीच उन्होंने दिसम्बर 2017 व जून 2018 में FMGE परीक्षा दी थी लेकिन उनके पास एलिजिबल सर्टिफिकेट नहीं होने के कारण परिणाम को रोक दिया गया था।
वापस अगस्त 2020 में विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (FMGE) दी लेकिन जरूरी 150अंको के मुकाबले मात्र 78 अंक ही प्राप्त हुए। 04 दिसम्बर 2020 को परीक्षा दी उसमें उनको 77 अंक मिलें रिछपाल ने हमें बताया की इस परीक्षा के 300 प्रश्नों में से मुझे 3 प्रश्नों के उतर ही क्लियर तौर पर आ रहे थे।
हमें बताते हुए कहा कि मेरे 7 सालों की उस मेरी प्रताड़ना के कारण मेरा और किताबों के बीच इतना फासला हो गया कि आप विचार कीजिए जब मैं दिसम्बर 2020 को परीक्षा केन्द्र में बैठा तो मेरे सामने पड़े उस पेपर को देखकर अचंभित रहे गया कि मुझे 300 में से 3 सवालों के जवाब आते है ।
कितना फासला हो गया आप सोचिए जरा रिछपाल का अपनी पढाई से। इसके बाद उस छात्र ने पूरी तरह से उम्मीद और आशा छोड़ दी कि अब मेरा सलेक्शन होगा।
लेकिन अब भी एक उम्मीद जिंदा थी वो थी "माँ" !
रिछपाल की "माँ" ने उसे अपने विश्वास के साथ उम्मीद और हौसला दिया।
"कि बेटा तू पढ़ कोचिंग कर हमें अपनी खेती-बाड़ी भी बेचनी पड़े तो बेचेंगे लेकिन तुझे परिवार का सपना पूरा करना है डाॅक्टर बनकर।
20 फरवरी 2021 को एक उस छात्र के जीवन में नये अध्याय की शुरूआत हुई। कोचिंग करने के लिए दिल्ली के लिए रवाना हुआ। डाॅ . आशिष सर द्वारा संचालित NLC ( Next learning Centre) गौतम नगर दिल्ली की इस कोचिंग सेन्टर में दाखिला लिया और वहीं किसी छात्रावास में रहने लगा।
जब कोचिंग करने के लिए तब तक उस कोचिंग इंस्टीटयूट का 19 विषय में से 11 विषयों का सेलब्स पूरा हो गया बाकी बचे 8 में से 4 विषयों का सेलब्स पूरा हो रहा ही था कि बाकी बचे 4 विषयों का सेलब्स कोरोना काल के कारण लगे लाॅकडाउन की भेंट चढ़ गये।
लेकिन कहतें है ना कि जैसी संगत वैसा फल। रिछपाल ने हमें बताया कि मेरा FMGE परीक्षा पास करना एक संगत का फल है।
मैं जिस कोचिंग इंस्टीटयूट में तैयार करने के लिए गया था वहीं से कोचिंग कर रहे हिमाचल प्रदेश के लक्ष्मीचंद ठाकुर से मेरी मुलाकात हुई रोज की मुलाकात एक दोस्ती में तब्दील हो गई। मैं छात्रावास में रहता था और वह
अपने एक रूम पार्टनर पियूष कुमार सिंह के किराये के कमरे में रहकर और खुश्बू शाह (छात्रावास) उन्ही के साथ तैयारी कर रहे थे। उस अजनबी (लक्ष्मीचंद ठाकुर) से ऐसा लगाव और दोस्ती हुई की मेरी वह मुझे छात्रावास में जाने नहीं देते अपने साथ रहकर तैयारी करने के लिए कहा और मेरे जीवन में वह एक गाॅडफादर की आये। मेरे जैसा छात्र जो पूरी तरह टूट चुका हो आर्थिक और मानसिक तौर पर। जिसकी पढाई निल बट्टा सन्नाटा तक पहुँच चुकी थी । उस टूटे लड़के को हिम्मत दी और उन तीनों ने मोटिवेट किया और उन तीनों कहा हम पास हो या ना हो तुझे गौतम नगर दिल्ली से पास करवाकर भेजेंगे चहा तेरा पूरा खर्चा हमें ही उठाना पड़े और अपनी और उठाया भी। मुझे तीनों ने पढ़ाने शुरू कर दिया इस बीच मै बीमार पड़ गया उन्होंने मेरी एक मां की भांति मेरा ख्याल रखा।
आज जो मैने FMGE की परीक्षा पास करने के पीछे उन तीनों का बहुत सहयोग रहा। मैने सफल होने के लिए हर एक लोगों से जो इस क्षेत्र में थे उनसे गाइडेंस ली। रिछपाल ने हमें बताया कि हमारे फिल्ड के कई छात्र ऐसे है जो पहले प्रयास में असफल होने पर हिम्मत हारकर सुसाइड कर लेते है उन्हें एकबार मेरे जीवन की कहानी जरूर पढनी चाहिए। मेरी कहानी पढने के बाद आप में हौसला और हिम्मत जरूर आ जायेंगी कि यह लड़का इतनी विपदाओं और कठिनाईयों के बावजूद सफल हुआ तो मैं क्यों नहीं। आप सभी छात्रों से मै अपील करता हूँ कि आप कभी हिम्मत मत हारो तब तक संघर्ष करते रहो जब तक लक्ष्य प्राप्ति ना हो जाये। जिन्होंने भी मेरी मुश्किल घड़ी में मेरा साथ दिया मुझे गाइड किया उन सभी अध्यापकों, दोस्तों, रिश्तेदारों को धन्यवाद देता हूँ कि आपनें मेरा साथ दिया।
रिछपाल ने हमें बताया कि रोज में एक कविता सुनता था - #तुम_मुझको_कब_तक_रोकोगें

मुठ्ठी में कुछ सपने लेकर, भरकर जेबों में आशाएं ।
दिल में है अरमान यही, कुछ कर जाएं… कुछ कर जाएं…
सूरज-सा तेज़ नहीं मुझमें, दीपक-सा जलता देखोगे..
सूरज-सा तेज़ नहीं मुझमें, दीपक-सा जलता देखोगे…
अपनी हद रौशन करने से,
तुम मुझको कब तक रोकोगे…
तुम मुझको कब तक रोकोगे

AIFF FUTSAL PREFERRING COURSE 2021 CLOSING CEREMONY


राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर फरड़ोद में AIFF फुटसल रैफरिंग कोर्स का समापन समारोह रखा गया है । इस मौके पर राजस्थान फुटबॉल एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। जिसमें फुटसल रैफरी कोर्स के सभी प्रिशिक्षणार्थीयों का फिटनेस टेस्ट होगा। फुटबॉल क्लब फरड़ोद की और से इस पर खुशी जताते हुए कहा है कि समापन समारोह का हमारे गांव में होना हम सभी फरड़ोदवासियों के लिए एक गर्व की बात है । फुटबॉल क्लब फरड़ोद की और से गांव के फुटबॉल प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया जायेगा।

 जय फुटबॉल जय फरड़ोद

अधिवक्ता ओमप्रकाश गोदारा निर्विरोध हुए अध्यक्ष निर्वाचित।

अधिवक्ता ओमप्रकाश गोदारा निर्विरोध हुए अध्यक्ष निर्वाचित। वहीं सहदेव राम लुणिया सचिव, कविता चौधरी पुस्तकालयाध्यक्ष के पद पर हुए निर्विरोध नि...